मन के हारे हार है, मन के जीते जीत ..
मित्रों नमस्कार,
मित्रों आज की भागदौड़ भरी जिंदगी न सिर्फ उम्रदराज लोगों को प्रभावित करती है बल्कि मित्रों आज की युवा पीढ़ी पर भी इसका विपरीत असर पड़ता है। तो आइए जानते हैं क्या हैं इसके कारण....
अधिक भागदौड़ व व्यस्तता के चलते व्यक्ति हकीकत में अपने आपको समय नहीं दे पाता. और जिंदगी के साथ अनेक प्रयोग करने लगता है जैसे दिखावे की जिंदगी जीना इसका एक उदाहरण है. वह लोगों को खुश रखने की कोशिश करता है, अपने आपको बहुत खुश दिखाने की कोशिश करता है लेकिन हकीकत में अंदर से उसके ऊपर बहुत से दबाव होते हैं। किसी को आगे बढ़ने का दबाव है, किसी को अमीर बनने का, किसी को बेहतरीन लाइफस्टाइल पाने का, किसी को बॉस बनने का आदि आदि ...अनेक कारण हैं।
अब होता क्या है कि व्यक्ति अपने अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नए नए प्रयोग करना शुरू करता है वो भी बिना अपनी क्षमता पहचाने ..बस यही पर हम गलती कर बैठते हैं और धीरे धीरे लगातार असफलताओं के मिलने से हम उदास से रहने लगते हैं ....परेशानी तब अधिक भयावह रूप ले लेती है जब आप बार बार कोशिश करते हो लेकिन फिर हार जाते हो .....
अब ऐसे समय में आप निराश होने लगते हो खुद की जिंदगी से .....आप एक ही प्रश्न खुद से पूछते हो अब क्या करूँ मैं?
क्या मैं कभी सफल नहीं हूंगा? क्या मेरे भाग्य में अमुक व्यक्ति जैसा जीवन नहीं है??
क्या मैं कभी सफल नहीं हूंगा? क्या मेरे भाग्य में अमुक व्यक्ति जैसा जीवन नहीं है??
ऐसे अनेक प्रश्न आने लगते हैं दिमाग मे ...लोग यहां तक निराशा के शिकार हो जाते हैं कि अपना जीवन भी दांव पर लगा देते हैं ...मैं ऐसी युवा पीढ़ी से कहना चाहता हूं कि मित्रो ऐसे समय मे एक चीज है जो आपको अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अंत तक कायम रख सकती है और वह है...
आशा की वह किरण जो हमेशा आपको प्रेरित करती है..फिर से आगे बढ़ने के लिए जीवन मे आगे बढ़ते रहिए एक असफलता मिलने से जिंदगी खत्म नहीं हो जाती बल्कि हमे वह कारण पता चलता है जिससे हम अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकते ....
थॉमस अल्वा एडिसन कितनी बार असफल हुए उनके साथ कितनी घटनाएं हुई ...लेकिन वह व्यक्ति मन से नहीं हारा मष्तिष्क से नहीं हारा, अपनी आत्मा से नहीं हारा ...और आज पूरा संसार उनकी वजह से रोशनी पाता है ...तो इसीलिए मित्रों इस जीवन संघर्ष से हारना नहीं है ...प्रतिपल आगे बढ़ने के लिए तैयार रहना है .....मन से हार गए तो समझ लो सब खत्म ....इसीलिए किसी ने कहा है ...मन के हारे हार है, मन के जीते जीत .....

Absolutely right, sir, never give up in life.
ReplyDelete