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क्या गरीबी हकीकत में सफलता में बाधक हो सकती है?

दोस्तों नमस्कार .... आज बात करते हैं एक ऐसे विषय पर जिसने कभी न कभी प्रत्येक व्यक्ति को इस बात के लिए सोंचने पर अवश्य ही मजबूर किया है .... क्या गरीबी हकीकत में सफलता में बाधक हो सकती है ? इसका उत्तर मेरे लिए है ... कतई नहीं । आइये चर्चा करते हैं - दोस्तों होता क्या है लोग गरीबी को लेकर सोंचते बहुत हैं ..कि मेरे पास पैसे नहीं हैं मैं कैसे काम करूँ, वहां काम करने के लिए मुझे पहले पैसे जुटाने होंगे, अमुक कम्पनी के लिए पहले ये करना होगा आदि आदि बहुत से प्रश्न और केवल प्रश्न ...जिसके कारण व्यक्ति बैठा बैठा सिर्फ सोंचते ही रह जाता है। दूसरी बात ऐसे व्यक्ति को काम भी vip चाहिए और करना भी कम से कम पड़े, और एक खास बात ऐसे व्यक्ति ( अधिक सोंचने वाले ) अच्छे दिखने वाले या कहें कि अपने सम्मान को ठेस न पहुंचने वाले काम पर ही फोकस करते हैं। दूसरी तरफ एक व्यक्ति है जो गरीब है और वह सोचता है कि मुझे कुछ काम करना चाहिए जिससे न सिर्फ मेरा पेट भरे बल्कि मैं इतना कमा सकूं कि मेरी पढ़ाई ठीक से चल सके आने वाले जीवन मे मैं सफल हो सकूं, मेरा आने वाला कल आज से कई गुना बेहतर हो ..... दूसरी तरह की सों...

सकारात्मकता इंसान को हमेशा प्रेरित करती है और अन्ततः हम सफल होते हैं।

आइए दोस्तों बात करते हैं एक ऐसी पावर(शक्ति)  की जो हम सब के पास है लेकिन उसका प्रयोग दुनिया के मात्र कुछ प्रतिशत लोग ही कर पाते हैं?  आखिर ऐसा क्या है जो एक बिना पैर के मनुष्य को एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचा देता है, ऐसा क्या है जो अभावों में जीवन जीने वाले रिक्शा चालक की बेटी को IAS की परीक्षा पास करा देता है? ऐसा क्या है जो मांझी को पहाड़ काटकर रास्ता बनाने के लिए मजबूर कर देता है?? आदि आदि ....अनेक ऐसे उदाहरण हैं जिन्होंने दुनिया को बताया कि मैं हूँ वह हीरो जो कुछ भी कर सकता है.....उत्तर है... सकारात्मकता (POSITIVITY) सकारात्मकता वह हथियार है जिससे जीवन रूपी जंग के हर पड़ाव पर सफलता पाई जा सकती है। किसी काम को करने के साथ आप उसके बारे में सकारात्मक सोंचें तभी वह सफल हो सकता है। सकारात्मकता व्यक्ति को हर क्षण प्रेरित रखती है और हकीकत में ऐसा व्यक्ति कभी निराश होकर नहीं बैठता और जो निराश नहीं होगा चाहे कितनी ही विषम परिस्थिति क्यों न हो तो फिर .....निश्चित रूप से उसे कोई हरा नहीं सकता। तो इसीलिए मित्रों जीवन में सकारात्मक रहिए इससे होता ये है कि इंसान में विश्वास भरता है उ...

केवल योजना बनाने की आदत कहीं आपको भी तो नहीं ..??

नमस्कार मित्रों 🙏🙏 कैसे हैं आप सभी ...आशा है कि आप सब सकुशल होंगे। कहीं आपको भी नई नई योजनाओं का ख्याली पुलाव पकाने की आदत तो नहीं ....क्या कहा हां ।  तो सुधर जाइये नहीं तो आने वाला समय आपको अपना गुलाम बना लेगा और आप वक्त की जंजीरों में जकड़ जाएंगे जहां न तो आपकी कोई जमानत लेगा न ही आपको मुक्ति मिलेगी।  मित्रों अधिकांश युवा ख्यालों में खोए रहते हैं मीडिया के इस युग मे यदि हम अपने आपको सम्भाल न पाएं तो हम न सिर्फ कामचोर हो जाते हैं बल्कि काहिलता हमारे शरीर को जकड़ लेती है ....आप भी सोंच रहे होंगे क्या बार बार घुमाए जा रहा है ....मतलब साफ है रात को सोते समय या कहें जब हम फुर्सत के पल में होते हैं तो हमारे दिमाग मे बहुत से विचार आते हैं। और हम बहुत सी योजनाएं तुरन्त बनाने लगते हैं ...और कल्पना में सारी योजनाएं एकदम सही लगती हैं। सब कुछ सकारात्मक होता है ...लेकिन सुबह जैसे ही आंख खुलती है सारी योजनाएं खत्म।  मेरा कहना मात्र इतना है आप जो भी प्लानिंग करिए चाहे वह पढ़ाई से सम्बंधित हो या किसी अन्य कार्य से सम्बंधित उसको लागू अवश्य करिए ...ताकि हकीकत में आप स...

मन के हारे हार है, मन के जीते जीत ..

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मित्रों नमस्कार,  मित्रों आज की भागदौड़ भरी जिंदगी न सिर्फ उम्रदराज लोगों को प्रभावित करती है बल्कि मित्रों आज की युवा पीढ़ी पर भी इसका विपरीत असर पड़ता है। तो आइए जानते हैं क्या हैं इसके कारण.... अधिक भागदौड़ व व्यस्तता के चलते व्यक्ति हकीकत में अपने आपको समय नहीं दे पाता. और जिंदगी के साथ अनेक प्रयोग करने लगता है जैसे दिखावे की जिंदगी जीना इसका एक उदाहरण है. वह लोगों को खुश रखने की कोशिश करता है, अपने आपको बहुत खुश दिखाने की कोशिश करता है लेकिन हकीकत में अंदर से उसके ऊपर बहुत से दबाव होते हैं। किसी को आगे बढ़ने का दबाव है, किसी को अमीर बनने का, किसी को बेहतरीन लाइफस्टाइल पाने का, किसी को बॉस बनने का आदि आदि ...अनेक कारण हैं।  अब होता क्या है कि व्यक्ति अपने अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नए नए प्रयोग करना शुरू करता है वो भी बिना अपनी क्षमता पहचाने ..बस यही पर हम गलती कर बैठते हैं और धीरे धीरे लगातार असफलताओं के मिलने से हम उदास से रहने लगते हैं ....परेशानी तब अधिक भयावह रूप ले लेती है जब आप बार बार कोशिश करते हो लेकिन फिर हार जाते हो ..... अब ऐसे समय में आप नि...